दिल्ली के बजट को गृह मंत्रालय की मंजूरी, एक दिन पहले लगाई थी रोक

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के बजट को गृह मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। मंगलवार को दिल्ली का बजट विधानसभा में पेश होने वाला था, लेकिन बीते सोमवार को गृह मंत्रालय ने विज्ञापन, पूंजीगत व्यय पर खर्च और आयुष्मान भारत जैसे मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगते हुए इस पर रोक लगा दी थी। इसके बाद केजरीवाल सरकार, केंद्र सरकार पर हमलावर हो गई थी।

आम आदमी पार्टी ने कहा था कि केंद्र की मोदी सरकार जानबूझकर दिल्ली सरकार को परेशान कर रही है। वह दिल्ली में विकास नहीं होने देना चाहते हैं। आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने आज प्रेस वार्ता के दौरान कहा था कि 75 सालों में ऐसा कभी नहीं हुआ कि बजट बनकर तैयार हो और केंद्र सरकार उस राज्य के बजट को रोक दे। केंद्र सरकार के रवैये को देखकर लगता है कि उन्होंने लोकतंत्र को मजाक बना दिया है।

गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि मंत्रालय ने आप सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है क्योंकि उसके बजट प्रस्ताव में विज्ञापन के लिए ज्यादा आवंटन और बुनियादी ढांचे और अन्य विकास पहलों के लिए अपेक्षाकृत कम राशि आवंटित की गई है।

वही दिल्ली भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल एक कुंठित व्यक्ति हैं और कुंठित व्यक्ति किस स्तर की भाषा का प्रयोग करता है, उसका उदारहण आज हमे देखने को मिला है। केजरीवाल आज पूरी दिल्ली का अपनी शराब घोटाले की काली कमाई और अपनी चोरी से ध्यान भटकाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने किसी को यह नहीं बताया कि आखिर उन्होंने बजट फाइल को तीन दिनों तक अपने पास क्यों रखा। हकीकत तो यह है कि अरविंद केजरीवाल की यह चोरी जब पकड़ी गई तो उन्होने कल रात 9.30 बजे फाइल फिर से केंद्र को भेज दी और आज 12 घंटे के अंदर वह फाइल केंद्र सरकार से पास होकर वापस आ गई है। इससे स्पष्ट होता है कि केजरीवाल सिर्फ निचले स्तर की राजनीति कर केंद्र सरकार को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं जबकि केंद्र सरकार उनकी हर संभव मदद कर रही है। गंदी राजनीति छोड़कर केजरीवाल ईमानदारी और सच्चाई के साथ काम करें और दिल्ली की जनता के हितों के बारे में सोचे ना कि झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाकर केंद्र सरकार को बदनाम करने की खोखली साजिश करें।

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