केस से नाम हटाने के मांगे थे 50 लाख, हवाला के जरिए 2.5 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा गया दिल्ली पुलिस का सब-इंस्पेक्टर

नई दिल्ली: सीबीआई ने एक मामले में दिल्ली पुलिस के साइबर पुलिस स्टेशन, रोहिणी में तैनात सब-इंस्पेक्टर को हवाला ऑपरेटरों के जरिए 2.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी पर कुल 14 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है, जिसमें 2.5 लाख रुपये आंशिक भुगतान के तौर पर स्वीकार किए गए।

सीबीआई ने यह कार्रवाई मुंबई के एक टूर और ट्रैवल्स व्यवसायी की लिखित शिकायत के आधार पर की। शिकायतकर्ता का कहना था कि उसका कैश मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ी एक निजी कंपनी के साथ व्यापारिक रिश्ता था। उसे पता चला कि कंपनी ने उसके वर्चुअल वॉलेट के लिए फर्जी नाम से लॉगिन क्रेडेंशियल बनाए थे। इस मामले की जांच रोहिणी साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक एफआईआर के तहत चल रही थी।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सब-इंस्पेक्टर ने उसके साले को नोटिस जारी किया और जांच के दौरान दोनों को गिरफ्तार करने की धमकी दी। बीती सात मार्च को आरोपी ने शिकायतकर्ता के नवी मुंबई स्थित घर पर जाकर 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी, ताकि उनका नाम मामले से हटाया जा सके। अगले दिन, 8 मार्च को उसने शिकायतकर्ता को घोड़बंदर रोड, मुंबई के एक होटल में बुलाया और वहां 16 लाख रुपये की मांग की। बातचीत के बाद राशि 14 लाख पर तय हुई।

आरोपी ने शिकायतकर्ता को हवाला टोकन नंबर और मुंबई में एक हवाला ऑपरेटर का संपर्क दिया, जिसके जरिए रिश्वत दी जानी थी। सीबीआई ने इस जानकारी के आधार पर बीते बुधवार को जाल बिछाया। ऑपरेशन के दौरान मुंबई में हवाला ऑपरेटर ने लोक सेवकों की ओर से 2.5 लाख रुपये स्वीकार किए।

आरोपी सब-इंस्पेक्टर को दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया गया। उसे 20 मार्च को राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष सीबीआई न्यायाधीश के सामने पेश किया गया, जहां से उसे 21 मार्च तक ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया। फिर उसे मुंबई की नामित सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा।

सीबीआई के मुताबिक, यह रिश्वत 14 लाख रुपये की तय राशि का हिस्सा थी, जिसे आरोपी ने एक मामले से नाम हटाने के बदले मांगा था। जांच में हवाला ऑपरेटरों का जाल भी सामने आया, जो इस भ्रष्टाचार में शामिल थे। जांच अभी जारी है। इस मामले में अन्य अज्ञात व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। हवाला नेटवर्क के पूरे तंत्र को उजागर करने के लिए आगे की छानबीन तेज कर दी गई है।

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