मप्र : कांग्रेस ने परिवहन ‘घोटाले’ को लेकर विधानसभा से बहिर्गमन किया

राष्ट्रीय जजमेंट

कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार पर कथित परिवहन घोटाले की जांच में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए विधानसभा से बहिर्गमन किया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार अब भी यह ब्योरा नहीं दे पाई है कि दिसंबर 2024 में भोपाल के पास मेंडोरी गांव में एक लावारिस एसयूवी से आयकर विभाग द्वारा जब्त किए गए 52 किलोग्राम सोने और 11 करोड़ रुपये नकद का मालिक कौन था।सिंघार ने विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार परिवहन विभाग के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा से जुड़े ठिकानों पर की गई छापेमारी के दौरान मिली डायरी का ब्योरा भी नहीं दे रही है।नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘‘डायरी में महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं, जो घोटाले में शामिल कई बड़े लोगों को बेनकाब कर सकते हैं। यही कारण है कि राज्य सरकार इसका ब्योरा सार्वजनिक नहीं कर रही है। जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी जानी चाहिए और उच्चतम न्यायालय को इसकी निगरानी करनी चाहिए।’’कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्यप्रदेश के विधानसभा मामलों के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सदन की कार्यवाही स्थापित नियमावली के तहत चलाई जाती है।
राज्य के परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है और राज्य सरकार इसमें हस्तक्षेप नहीं कर रही है। इन जवाबों से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी की और सदन से बहिर्गमन किया।

इससे पहले दिन में कांग्रेस ने कथित घोटालों और भ्रष्टाचार को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान विपक्षी पार्टी के एक विधायक ने कुंभकरण की वेशभूषा धारण की, जो महाकाव्य रामायण का एक पात्र है और अपनी गहरी नींद के लिए जाना जाता है।

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