नीली छतरी वाले मंदिर को कोई नुकसान नहीं होगा, धरोहरों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता : प्रवेश वर्मा

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग एवं जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने सोमवार को यमुना बाजार स्थित प्रसिद्ध नीली छतरी वाले मंदिर का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचेगा और सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बयान उस समय आया जब कुछ अफवाहों ने मंदिर के तोड़े जाने की खबरें फैलानी शुरू की थीं।

मंत्री प्रवेश वर्मा ने निरीक्षण के बाद कहा, “आज सुबह मुझे व्हाट्सएप पर एक संदेश मिला जिसमें दावा किया गया कि नीली छतरी वाले मंदिर को तोड़ा जा रहा है। मैंने इसे गंभीरता से लिया और तुरंत मौके पर पहुंचकर खुद स्थिति का जायजा लिया। मैं सभी श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि मंदिर पूरी तरह सुरक्षित है। इसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और न ही पहुंचने दिया जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा कि यदि मंदिर की संरचना में किसी भी तरह की मामूली क्षति हुई होगी, तो उसे तत्काल प्रभाव से ठीक करवाया जाएगा। श्री वर्मा ने विशेष रूप से वाल्मीकि समाज को अपना समर्थन देते हुए कहा, “वाल्मीकि समाज की आस्था और उनकी धार्मिक धरोहर हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि उनकी भावनाओं का पूरा सम्मान हो।”

मंत्री ने इस मौके पर लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने की अपील भी की। उन्होंने कहा, “कुछ लोग जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि सरकार की मंशा साफ है – हम अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को संरक्षित करने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना है। वर्मा ने कहा कि अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है, ताकि भविष्य में इस तरह की गलतफहमियां पैदा न हों।

प्रवेश वर्मा ने पीडब्ल्यूडी और संबंधित विभागों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि मंदिर की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही, अगर किसी मरम्मत या रखरखाव की जरूरत होगी, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा, “मैंने अधिकारियों से कहा है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंदिर की संरचना को मजबूत करने के लिए जो भी जरूरी हो, वह तुरंत किया जाए।”

नीली छतरी वाला मंदिर यमुना बाजार इलाके में वाल्मीकि समाज के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि दिल्ली की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक माना जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मंदिर लंबे समय से इस क्षेत्र की पहचान रहा है और इसे लेकर श्रद्धालुओं की गहरी भावनाएं जुड़ी हैं।

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