‘सुशांत के परिवार को न्याय नहीं मिला, मौत की फिर से होनी चाहिए जांच’, सीबीआई क्लोजर रिपोर्ट के बाद भाजपा विधायक की मांग

राष्ट्रीय जजमेंट

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में सीबीआई द्वारा क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने पर भाजपा विधायक राम कदम का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे सरकार ने 68 दिनों तक इस केस को सीबीआई को नहीं सौंपा। फर्नीचर हटाने, घर की रंगाई-पुताई करने और घर को पुराने मालिक को सौंपने के बाद ही केस सीबीआई को सौंपा गया। इससे साफ है कि उद्धव ठाकरे सरकार सबूत मिटाना चाहती थी और यही वजह है कि सुशांत के परिवार को न्याय नहीं मिल पाया।भाजपा विधायक ने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत की फिर से जांच होनी चाहिए। महाराष्ट्र सरकार ने फैसला किया है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत की फिर से SIT जांच करेगी। यही मांग मैंने विधानसभा में रखी थी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की कथित आत्महत्या के मामले में ‘क्लोजर रिपोर्ट’ दाखिल कर दी है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी थी। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने मुंबई की एक विशेष अदालत के समक्ष अपने निष्कर्ष प्रस्तुत किये हैं और अब अदालत को तय करना है कि वह (मामले को बंद करने की) रिपोर्ट को स्वीकार करती है या आगे जांच के निर्देश देती है। सुशांत सिंह राजपूत मुंबई के बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में 14 जून, 2020 को फंदे से लटके हुए पाए गए थे। वह 34 साल के थे। केंद्रीय एजेंसी ने बिहार पुलिस से मामले की जांच संभाली थी। बिहार पुलिस ने सुशांत के पिता के.के. सिंह द्वारा पटना में दाखिल शिकायत के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के फोरेंसिक विशेषज्ञों ने सीबीआई को दिये गये चिकित्सा विधिक परामर्श में‘‘जहर देने और गला घोंटने’’ को लेकर इस मामले में किये गये दावों को खारिज कर दिया था।

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