देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने पैतृक गांव पहुँच कर मातृभूमि को किया नमन

आर जे न्यूज़ कानपुर देहात –देश के सर्वोच्च नागरिक महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद रविवार सुबह एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर से कानपुर देहात के अपने पैतृक गांव परौंख पहुंचे।जिसका जायजा हमारे संवाददाता सचिन अग्निहोत्री ने लिया परौंख में जनसभा स्थल मंच से राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि मेरे आने से जितनी आपको खुशी है, उससे ज्यादा खुशी मुझे है। इसीलिए हेलीकॉप्टर से उतरकर अपनी धरती को स्पर्श कर प्रणाम किया। कहा कि इस बार आने में जितना देर हुई, कोशिश होगी कि अगली बार इतना विलम्ब न हो।

राष्ट्रपति के स्वागत के लिए द्वार-द्वार रंगरोगन के साथ लिपाई की गई। राष्ट्रपति बनने के करीब चार साल बाद रामनाथ कोविंद पहली बार पैतृक गांव परौंख पहुंचे। इससे गांव के लोगों का सालों का इंतजार खत्म हो गया. इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मौजूद रहे। महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ उनकी पत्नी संगीता कोविंद और पुत्री भी अपने पैतृक गांव आई।

राष्ट्रपति ने कहा याद आते हैं उनको अपने सहपाठी

गांव में पक्के मकान बन गए, रोहनिया बाजार देखकर अच्छा लगा। राष्ट्रपति ने कहा कि मेरे सहपाठी जसवंत सिंह, चंद्रभान सिंह, दशरथ सिंह बहुत याद आते हैं। परौंख गांव में बोलते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि कोरोना काल में फिटनेस और प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने की कोशिश है। खुद को टीका लगवाएं और दूसरों को भी प्रेरित करें। गांव वालों को राष्ट्रपति भवन देखने की व्यवस्था खुद करूंगा। पुखरायां में राष्ट्रपति से मिलने के लिए कुल 67 लोगों को अनुमति दी गई थी।

चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की थी पैनी नजर हेलीकॉप्टर से कमांडो ने की निगरानी

महामहिम के दौरे के दौरान चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की पैनी नजर थी। महामहिम के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मध्य नजर रखते हुए जगह-जगह जवानों अलर्ट मोड़ पर तैनात किया गया था। तो वहीं सुरक्षा बल और कमांडो ऊंचे मकानों की छत से हर व्यक्ति पर नजर रख रहे थे। जबकि महामहिम के भ्रमण और कार्यक्रम के दौरान वायुसेना के जांबाज कमांडो आसमान से नजर रख रहे थे।

तो वहीं मिली जानकारी के मुताबिक बता दें कि महामहिम की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी 7 आईपीएस एसपी 12 एडिशनल एसपी और 28 सीओ के हवाले थी। तो वहीं चप्पे-चप्पे पर पुलिस पीएसी और अर्धसैनिक बलों सहित कमांडो को तैनात किया गया था। महामहिम की सुरक्षा के इतने कड़े बंदोबस्त किए गए थे कि एक परिंदा चाह कर भी पर नहीं मार सकता था।

सचिन अग्निहोत्री,पुष्पेन्द्रकुमार

  आर जे न्यूज़ कानपुर देहात 

 

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