पढ़िए आज का राशिफल और पंचांग -13/11/2021

??????????
**|| जय श्री राधे ||****
?? महर्षि पाराशर पंचांग ??
??? अथ पंचांगम् ???
**ll जय श्री राधे ll****
??????????

दिनाँक-: 13/11/2021,शनिवार
दशमी, शुक्ल पक्ष
कार्तिक
“””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———– दशमी 29:47:36 तक
पक्ष————————– शुक्ल
नक्षत्र———–शतभिषा 15:23:48
योग———– व्याघात 26:14:55
करण————- तैतुल 17:34:36
करण—————गर 29:47:36
वार———————— शनिवार
माह————————-कार्तिक
चन्द्र राशि——————- कुम्भ
सूर्य राशि——————— तुला
रितु————————— शरद
सायन————————हेमन्त
आयन—————— दक्षिणायण
संवत्सर———————– प्लव
संवत्सर (उत्तर) ——– आनंद
विक्रम संवत—————- 2078
विक्रम संवत (कर्तक) —–2078
शाका संवत——————1943

वृन्दावन
सूर्योदय————— 06:39:44
सूर्यास्त—————– 17:26:56
दिन काल————— 10:47:11
रात्री काल————–13:13:34
चंद्रोदय—————- 14:19:48
चंद्रास्त—————- 25:58:47

लग्न—-तुला 26°38′ , 206°43′

सूर्य नक्षत्र—————– विशाखा
चन्द्र नक्षत्र—————- शतभिषा
नक्षत्र पाया——————–ताम्र

??? पद, चरण ???

सी—- शतभिषा 09:12:35

सू—- शतभिषा15:23:48

से—- पूर्वाभाद्रपदा 21:37:13

सो—- पूर्वाभाद्रपदा 27:52:47

??? ग्रह गोचर ???

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
==========================
सूर्य= तुला 26:42 ‘ विशाखा , 3 सी
चन्द्र =कुम्भ 15°23 ‘ शतभिषा , 3 सी
बुध = तुला 17°57 ‘ स्वाति ‘ 4 ता
शुक्र= धनु 12°55, मूल ‘ 4 भी
मंगल=तुला 14°30 ‘ स्वाति ‘ 3 रो
गुरु=मकर 29°30 ‘ धनिष्ठा , 2 गी
शनि=मकर 12°43 ‘ श्रवण ‘ 2 खू
राहू=(व)वृषभ 09°03’ कृतिका , 4 ए
केतु=(व)वृश्चिक 08°03अनुराधा , 2 नी

राहू काल 09:22 – 10:42 अशुभ
यम घंटा 13:24 – 14:45 अशुभ
गुली काल 06:40 – 08:01 अशुभ
अभिजित 11:42 -12:25 शुभ
दूर मुहूर्त 08:06 – 08:49 अशुभ

?पंचक अहोरात्र अशुभ

?चोघडिया, दिन
काल 06:40 – 08:01 अशुभ
शुभ 08:01 – 09:22 शुभ
रोग 09:22 – 10:42 अशुभ
उद्वेग 10:42 – 12:03 अशुभ
चर 12:03 – 13:24 शुभ
लाभ 13:24 – 14:45 शुभ
अमृत 14:45 – 16:06 शुभ
काल 16:06 – 17:27 अशुभ

?चोघडिया, रात
लाभ 17:27 – 19:06 शुभ
उद्वेग 19:06 – 20:45 अशुभ
शुभ 20:45 – 22:25 शुभ
अमृत 22:25 – 24:04* शुभ
चर 24:04* – 25:43* शुभ
रोग 25:43* – 27:22* अशुभ
काल 27:22* – 29:01* अशुभ
लाभ 29:01* – 30:41* शुभ

?होरा, दिन
शनि 06:40 – 07:34
बृहस्पति 07:34 – 08:28
मंगल 08:28 – 09:22
सूर्य 09:22 – 10:15
शुक्र 10:15 – 11:09
बुध 11:09 – 12:03
चन्द्र 12:03 – 12:57
शनि 12:57 – 13:51
बृहस्पति 13:51 – 14:45
मंगल 14:45 – 15:39
सूर्य 15:39 – 16:33
शुक्र 16:33 – 17:27

?होरा, रात
बुध 17:27 – 18:33
चन्द्र 18:33 – 19:39
शनि 19:39 – 20:45
बृहस्पति 20:45 – 21:51
मंगल 21:51 – 22:58
सूर्य 22:58 – 24:04
शुक्र 24:04* – 25:10
बुध 25:10* – 26:16
चन्द्र 26:16* – 27:22
शनि 27:22* – 28:28
बृहस्पति 28:28* – 29:34
मंगल 29:34* – 30:41

?? उदयलग्न प्रवेशकाल ??

तुला > 04:38 से 06:57 तक
वृश्चिक > 06:57 से 09:15 तक
धनु > 09:15 से 11:19 तक
मकर > 11:19 से 13:02 तक
कुम्भ > 13:02 से 14:31 तक
मीन > 14:31 से 15:57 तक
मेष > 15:57 से 17:33 तक
वृषभ > 17:33 से 19:29 तक
मिथुन > 19:29 से 21:44 तक
कर्क > 21:44 से 00:03 तक
सिंह > 00:02 से 02:19 तक
कन्या > 02:19 से 04:35 तक

?विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥

रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

?दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो लौंग अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

? अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

10 + 7 + 1 = 18 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

?? ग्रह मुख आहुति ज्ञान ??

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शुक्र ग्रह मुखहुति

? शिव वास एवं फल -:

10 + 10 + 5 = 25 ÷ 7 = 4 शेष

सभायां = सन्ताप कारक

?भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

?? विशेष जानकारी ??

* कंसवध लीला मथुरा जी

* द्वितीय शनिवार

* पंचक अहोरात्र

??? शुभ विचार ???

धन्या द्विजमयि नौका विपरीता भवार्णवे ।
तरन्त्यधोगताः सर्वे उपरिस्थाः पतन्त्यधः ।।
।।चा o नी o।।

वह लोग धन्य है, ऊँचे उठे हुए है जिन्होंने संसार समुद्र को पार करते हुए एक सच्चे ब्राह्मण की शरण ली. उनकी शरणागति ने नौका का काम किया. वे ऐसे मुसाफिरों की तरह नहीं है जो ऐसे सामान्य जहाज पर सवार है जिसके डूबने का खतरा है.

??? सुभाषितानि ???

गीता -: विभूतियोग अo-10

हन्त ते कथयिष्यामि दिव्या ह्यात्मविभूतयः ।,
प्राधान्यतः कुरुश्रेष्ठ नास्त्यन्तो विस्तरस्य मे ॥,

श्री भगवान बोले- हे कुरुश्रेष्ठ! अब मैं जो मेरी दिव्य विभूतियाँ हैं, उनको तेरे लिए प्रधानता से कहूँगा; क्योंकि मेरे विस्तार का अंत नहीं है॥,19॥

?? दैनिक राशिफल ??

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

?मेष
धन प्राप्ति सुगम होगी। पराक्रम बढ़ेगा। जीवनसाथी से आर्थिक मतभेद हो सकते हैं। कामकाज में आशानुरूप स्थिति बनेगी। संतान के व्यवहार पर नजर रखें। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। थकान रहेगी।

?वृष
आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। आपके व्यवहार एवं कार्यकुशलता से अधिकारी वर्ग से लाभ होगा। आपसी विचार-विमर्श लाभप्रद रहेगा। बुरी खबर मिल सकती है। वाणी पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। लेन-देन में सावधानी रखें।

?मिथुन
दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। पूंजी निवेश बढ़ेगा। साहित्यिक रुचि बढ़ेगी। आर्थिक योग शुभ हैं। यात्रा से व्यापारिक लाभ हो सकता है। रुका हुआ धन प्राप्त होगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। विवाद न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। सुसंगति से लाभ होगा।

?कर्क
अप्रत्याशित लाभ होगा। राजकीय सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। जोखिम बिलकुल न लें। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। व्यापार व नौकरी में हितकारकों की पूर्ण कृपा रहेगी। गृह उपयोगी वस्तुएं क्रय करेंगे। नए संबंधों के प्रति सतर्क रहें।

?सिंह
पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा। रुका पैसा मिलेगा। शत्रु आपकी छवि को धूमिल करने का प्रयास करेंगे। अतः सावधान रहें। फालतू खर्च होगा। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। कुसंगति से बचें। दूसरों पर भरोसा न करें। धैर्य रखें। व्यापार में सफलता मिलेगी।

?‍♀️कन्या
पुराने मित्र-संबंधी मिलेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। कार्य एवं व्यवसाय के क्षेत्र में विभिन्न बाधाओं से मन अशांत रहेगा। विवादों से दूर रहना चाहिए। उत्साहवर्द्धक सूचना मिलेगी। स्वाभिमान बढ़ेगा। आर्थिक तंगी रहेगी। पिछले कार्यों को टालें। पारिवारिक तनाव से मन परेशान रहेगा। व्यापार में हानि हो सकती है।

⚖️तुला
कार्यसिद्धि होगी। आय-व्यय में संतुलन रहेगा। क्रोध पर संयम आवश्यक है। व्यापार में नए अनुबंध लाभकारी रहेंगे। धर्म में रुचि बढ़ेगी। नई योजना से लाभ होगा। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। वरिष्ठजनों का सहयोग मिलेगा। कोर्ट व कचहरी के काम बनेंगे।

?वृश्चिक
संतान की ओर से अच्छे समाचार मिलेंगे। दूसरों के कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करें। परिवार की चिंता रहेगी। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। पुराना रोग उभर सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। व्यापार के विस्तार हेतु किए गए प्रयास सफल होंगे।

?धनु
लाभ होगा। पिछले कार्यों को टालना चाहिए क्योंकि उसमें असफलता का योग है। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। राजकीय बाधा दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। शत्रुभय रहेगा। अनावश्यक विवाद होगा। व्यावसायिक योजनाएँ क्रियान्वित नहीं हो पाएँगी।

?मकर
नए अनुबंध होंगे। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। जल्दबाजी व भागदौड़ से काम करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाएँ। अच्छे मित्र से भेंट होगी। पराक्रम की वृद्धि होगी। समाज-परिवार में आदर मिलेगा। योजना फलीभूत होगी।

?कुंभ
धनलाभ होगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। वाहन सुख मिलेगा। संपत्ति के लेन-देन में सावधानी बरतें। परिवार में सहयोग का वातावरण रहेगा। मेहनत का फल मिलेगा। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। यात्रा सफल रहेगी। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। संतान पर ध्यान दें। जल्दबाजी व भागदौड़ से कार्य करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाएं।

?मीन
प्रसन्नता रहेगी। संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। संतान के रोजगार की समस्या का समाधान संभव है। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। कश्मकश दूर होगी। स्वजनों से भेंट होगी। खर्चों में वृद्धि से चिंता होगी।

?आपका दिन मंगलमय हो?
?????????
आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09412618599

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More