लखनऊ-लड़कियों के विवाह की उम्र 18 साल हटा कर 21 साल होने पर उज़मा शहीर लखनऊ से उन का अच्छा बयान है, उन कहना है मैं सरकार के इस फैसले की सराहना करती हूँ कि लड़कियों के विवाह की उम्र 18 साल से 21 साल कर दी है । 21 साल में लड़कियाँ कम से कम शिक्षित हो जाएंगी ।
स्नातक तो कर ही लेंगी , 21 साल में लड़िकयाँ सही से मानसिक रूप से भी व्यस्त हो जाएंगी और सही गलत भी समझ सकेंगी , घरों में होने वाले घरेलू अपराध और हिंसा में भी कमी आयेगी मैं सरकार के इस सराहनीय काम को बहुत सही मानती हूँ और इसकी सराहना करती हूं।
उज़मा शहीर केंद्र सरकार ने देश में समाज सुधार से जुड़ा बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय कैबिनेट ने लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी मंजूरी दे दी है. यानी अब लड़कों की तरह ही लड़िकयों की शादी की आधिकारिक उम्र 21 साल होने जा रही है
10 सदस्यों की टास्क फोर्स ने जाने-माने स्कॉलर्स, कानूनी विशेषज्ञों और नागरिक संगठनों के नेताओं से सलाह ली थी. वेबिनार के जरिए देश की महिला प्रतिनिधियो से भी बातचीत की थी. इसी टास्क फोर्स ने दिसंबर 2020 में अपनी रिपोर्ट नीति आयोग को दी थी. टास्क फोर्स का ही सुझाव था कि लड़कियों की शादी की उम्र 21 वर्ष वर्ष होनी चाहिए
सरकार के इस कदम का फायदा देश की करीब साढ़े 4 करोड़ से ज्यादा लड़कियों को होगा. 2011 में हुई जनगणना के हिसाब से देश में 18 वर्ष के उम के उम्र की करीब 1 करोड़ 29 लाख लड़कियां हैं.
ज्ञान चन्द राष्ट्रीय जजमेंट संवाददाता लखनऊ
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