नीतिगत ब्याज दर में बढ़ोतरी से आम जनता पर और महंगाई की मार पड़ेगी

RBI गवार्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को 7.2 प्रतिशत पर कायम रखा है. केंद्रीय बैंक ने खुदरा महंगाई दर चालू वित्त वर्ष में 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान बरकरार रखा है. उन्होंने कहा कि सामान्य मानसून और कच्चे तेल का दाम 105 डॉलर प्रति बैरल पर रहने की संभावना के आधार पर वित्त वर्ष 2022-23 के लिये मुद्रास्फीति अनुमान को 6.7 प्रतिशत पर बरकरार है.

उन्होंने कहा कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक मुद्रास्फीति असंतोषजनक स्तर पर है. समिति का अनुमान है कि मुद्रास्फीति छह प्रतिशत से ऊपर बना रहेगा.मुद्रा स्फूर्ति की वजह से यह EMI महंगा हो जाएगा पहले से महंगाई की मार झेल रही आम जनता पर एक और बोझ पड़ने वाला है

रिकॉर्ड निचला लेवल छू चुके भारतीय रुपये को लेकर गवर्नर ने कहा कि रुपया व्यवस्थित तरीके से कारोबार कर रहा है. चार अगस्त तक यह 4.7 प्रतिशत टूटा है. रिजर्व बैंक की रुपये के उतार-चढ़ाव पर नजर है. दास ने कहा कि रुपये में गिरावट की बड़ी वजह डॉलर का मजबूत होना है, न कि इसमें घरेलू अर्थव्यवस्था में आई किसी कमजोरी का हाथ है. उन्होंने कहा कि हालांकि, आरबीआई की नीतियों की वजह से रुपया कई अन्य मुद्राओं के मुकाबले डॉलर के आगे कहीं बेहतर स्थिति में है.

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