कुशीनगर: रामकोला CHC में उपचारिका व फर्मासिस्ट का स्थानांतरण रोका जाना संदेह के घेरे में

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कुशीनगर। रामकोला जनपद के सीएचसी रामकोला में मरीजों से अवैध रूप से जबरन पैसे लेने तथा सीएचसी में तैनात डाक्टरों के द्वारा उपचारिका व फर्मासिस्ट के द्वारा किये गये अनियमितताओं की शिकायत के कारण
उपचारिका श्रीमति पुनीता देवी का तबादला दुदही सीएचसी व फर्मासिस्ट न्यू पीएचसी दान्दोंपुर मे किया गया था वह स्थानांतरण अचानक रोक दिया गया है।
विभाग का कहना है कि स्टाफ की कमी को देखते हुए उसे कड़ी चेतावनी देकर तबादला रोका गया है।
रामकोला सीएचसी
बता दें कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामकोला में तैनात फर्मासिस्ट रामबन चौहान सात बर्षो से लगातार एक ही स्थान पर कार्यरत हैं।
जिसके कारण उनके द्वारा अनेको प्रकार की अनियमिततायें बरती जा रही है। तथा फर्मासिस्ट द्वारा चारों डाक्टरों से गाली-गलौज करने व
स्वयं को डॉक्टर बताकर मरीजों का ईलाज करने से परेशान सीएचसी पर तैनात सभी डाक्टरों के साथ-साथ अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने मिलकर
इसके खिलाफ मुख्य चिकत्सिाधिकारी कुशीनगर को शिकायत पत्र देकर तत्काल स्थानांतरण करने की मांग की गयी थी।
जिसके बाद सीएमओ द्वारा 22 जुलाई 2019 को प्रा०स्वा० केंद्र दान्दोपुर जनपद कुशीनगर में फर्मासिस्ट को तथा
18 जुलाई 2019 को उपचारिका श्रीमति पुनीता देवी को दुदही सीएचसी पर तत्काल कार्य भार संभालने का आदेश दिया गया था।
उक्त प्रकरण में एक सप्ताह बाद 27 व 30 जुलाई 2019 को तत्काल प्रभाव से मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा उपचारिका व फर्मासिस्ट का स्थानांनतरण आदेश निरस्त कर दिया गया जो एक संदेह के घेरे में है।
मुख्य चिकत्सिाधिकारी कुशीनगर से उक्त स्थानांतरण रोकने के सम्बन्ध मे जानकारी मांगने पर बताया गया कि डाक्टरो द्वारा अपनी शिकायत वापस लेने के बाद
भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न होने की कड़ी चेतावनी देकर उपचारिका व फर्मासिस्ट का स्थानांनतरण आदेश निरस्त किया गया हैं।
जबकि रामकोला चिकित्सा प्रभारी से जानकारी लेने पर शिकायत पत्र वापस नहीं लेने की बात कही गई है
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले 7 बर्षो से तैनात
भ्रष्टाचारी फार्मासिस्ट का हुआ स्थानांतरण रोका गया तो क्यो रुक गया? रामबदन चौहान व उपचारिका पुनीता देवी का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण किया गया।
जबकि पुनिता देबी स्वास्थय समुदायिक केन्द्र में अपनी खुद की क्लिक बनाकर लोगों को उसमें उपचार करतीं थीं जबकि इस की सुचना पाकर पुर्व उपजिलाधिकारी ने तोड़ने का आदेश भी दिये थे पर
कुछ उच्च अधिकारीयों के मिली भगत से अभी भी तोड़ा नहीं गया और स्थानांतरण मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुशीनगर द्वारा रोक भी दिया गया।
भ्रष्टाचारी फार्मासिस्ट का प्रशासनिक आधार पर तत्कालिक प्रभाव से नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दानदोपुर कुशीनगर किया गया था आदेशित प्रतिलिपि प्रभारी चिकित्साधिकारी दानदोपुर को प्रेषित करते हुए
तत्काल स्थानीय व्यवस्था से कार्यमुक्त कर नवीन तैनाती स्थान पर कार्यभार ग्रहण के लिए दिनांक 22 जुलाई 2019 को निर्देशित कर दिया गया था।
इसी क्रम में उपचारिका पुनीता देवी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामकोला से 18 जुलाई 2019 को कार्यमुक्त करते हुए नई तैनाती सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
दुदही कुशीनगर में अतिरिक्त उपचारिका के पद पर तैनात प्रशासनिक आधार पर
तात्कालिक प्रभाव से कर दिया गया था प्रतिलिपि प्रभारी चिकित्सा अधिकारी दुदही कुशीनगर को प्रेषित कर दिया गया।
बताते चलें कि दिनांक 10 अप्रैल 2019 को प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर शेष कुमार विश्वकर्मा रजनीश कुमार श्रीवास्तव डॉक्टर आनंद प्रकाश गुप्ता डॉक्टर राजकुमार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुशीनगर को शिकायती पत्र देते हुए दर्शाया था कि
फार्मासिस्ट का व्यवहार कुशल नहीं है चारो चिकित्सक व स्वास्थ्य केंद्र में तैनात कर्मचारियों से असभ्य भाषा का प्रयोग करते हैं साथ ही फार्मासिस्ट राष्ट्रीय कार्यक्रमों के संचालन में कोई सहयोग प्रदान नहीं करते हैं।
साथ ही यह भी बताया गया था की फार्मासिस्ट द्वारा अपनी ड्यूटी दवा वितरण कार्य न कर के मरीजों का स्वयं उपचार करते हैं जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सभी चारों चिकित्सक मौजूद रहते हैं।
ऐसे स्वास्थ्य विभाग में यदि खुद को फर्मासिस्ट द्वारा डाक्टर बता कर लोगों को इलाज करना एक मरीजों के साथ खिलवाड़ करना बराबर है।
रिपोर्ट- प्रेम चन्द्र खरवार

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